साँसों की तितलियाँ
Sunday, March 2, 2014
हवा
झील की लहरों पे अक्स के सफ़ीनें**
कहाँ चलती है हवा, कहाँ हम डोलते हैं
*प्रतिबिम्ब,परछाईं
**कश्तियाँ
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