साँसों की तितलियाँ
Monday, March 3, 2014
ज़र्रा
ए ख़ुदा, ज़र्रा तेरा तेरे जहान पे भारी है
सम्भाल इसे, बंदा तेरा तेरे नाम पे भारी है
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