Wednesday, February 25, 2026

रोशनदान

घुस आती थी दुनिया 

मेरे ज़हन के मकान में 

आँखों की खिड़कियों 

कानों के दरवाज़ों से


करुणा के रोशनदान खोले 

तो जान में जान आई।

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