अपने तरीके से बहलाना है ख़ुदा तो इजाज़त है तुम्हें,
पर ये तो न कहो कि तुम्हारा ख़ुदा जुदा है!
न ब्याह मुझको मेरी माई, मेरी बात सुन,
सम्हालने दे ताउम्र यूहीं तेरे न हुए बेटे की तरह तेरी ये दुकान, स्वावलम्बी आज़ाद खुश रहने दे।
धरती को नशा था कि उसे ही देखता है लुकता छिपता घूमता सूरज,
सूरज की बारहा ज़िम्मेदारियाँ बहुत थीं।
यकीन कम कर, शक़ कुछ और,
दिखते को तस्लीम कर, खोज कुछ और।