Friday, March 6, 2015

स्कोर

आज
मैंने
रास्ते में
दुकानदार से
क्रिकेट का
स्कोर न पूछा,

आज
मैंने
दुनिया की
हक़ीक़त को
याद रखा।

Monday, March 2, 2015

आवाज़

रोज़ शाम
लौटते समय घर
गुज़रता हूँ
जब भी
सामने से उस घर के,
आती है
आवाज़
रहरास के पाठ की
वेदों के उच्चारण की
या धम्मपद की,
बूझ नहीं पाता हूँ।

गुनगुना रहा होता है
दबी आवाज़ में
कोई...

किस मज़हब की
गाता है
प्रार्थना
पहचान नहीं पाता हूँ,
ख़ुदा का एहसास
उठता है मगर
जाना सा
सीने में...

Sunday, March 1, 2015

एहसास


बढ़ा लीजिये
चाय का दाम
कुछ और
मगर कप में
तनिक और तो डालिए,

हो तो सही
बदन में
वो एहसास
जिसकी तवक्को है।

ऊँचाइयाँ

पार्क में
शहीद लेफ़्टिनेंट के बुत
के सर की टोपी
जिस ऊँचाई पर थी,

था होता शुरू
उसी ऊँचाई से
बगल ही में खड़े
सियासतदान का
मरणोपरांत
पैर से सर तक का
पत्थर में सफ़र,

सियासत
यकीनन खड़ी थी
शहीदों के कन्धों पर।

Tuesday, February 24, 2015

आशीर्वाद

आभार
विष्णु भगवान् का
जो
नहीं होते
अब
अवतरित
राजाओं की
देह में,

देते हैं
अब
यही
आशीर्वाद
बिन दिए
लोकतन्त्र को।