Monday, October 5, 2015

कीमत

राष्ट्रभाषा का
हल्का आँकलन
उन्हें
महँगा पड़ा,

बेचनी पड़ी
बढ़िया मैगज़ीन
हिंदी में
अंग्रेज़ी एडिशन से
आधी कीमत पर,

लूटने का
मौका
न मिला।

मजबूर

अंजाम
मालूम था
उसे
मगर
मजबूर था,

रुक जाने का
हश्र
उसे
मंज़ूर न था।

बी2

बी2
बॉम्बर
से पंख थे
उसके
मगर
सदियों पुराना होकर भी
अभी भी
बी2 से
कहीं एडवांस था,

अमरीका के ऊपर की
अमरीका में
बना था शायद
वो
शानदार
पतंगा!

Sunday, October 4, 2015

आज फिर

वो आज
फिर
बाज़ न आये
ख़ुद के होने में,

आज फिर
हम
उनकी बदौलत
उन्हीं से
शर्मसार हुए।

साया

लंदन के आसमान पर
वो जो एक
काला साया था,
पुरानी तस्वीर का
दाग़
निकला,

वहाँ का वक़्त था
अलबत्ता
आज भी
नया का नया.