Wednesday, September 14, 2016

अक्स

दरारों से
हमनें
जो अक्स देखा
वो तेरा ही था,

दर ओ दीवार
कोई और थे,
पता तेरा ही था।

शब्द

यूँ तो
दूर हूँ आप से,
करीब तीन सौ बरस,

शब्द आपके
गूँजते हैं जब
वजूद में मेरे
बारम्बार झाँकता हूँ भीतर
मिलने को तरस।

Wednesday, September 7, 2016

निर्वाण

अभी
कुछ दिन
निर्माण के
और,

मेरे परिवार
के निर्वाण को
और...

मामा

तेरा तोता मामा
तो पास हो गया
कामगार के बच्चे!

डिग्रियों की दुनिया में
फेल होने के लिए ही सही
तू पढ़ने कब जायेगा?

Monday, September 5, 2016

दुल्हन

मेरी तरह
यतीम ओ मुफ़लिस निकली,
दुनिया की दुल्हन
पौ फटते
बाज़ार ओ रौनक़ की
अमीरन निकली।