Friday, December 23, 2016

पैग़ाम

भेजा है
पैग़ाम
देखें
कब मिले,

कब आये
जवाब
हमें कहाँ मिले!

Thursday, December 22, 2016

शुक्रिया

घिसे तो होंगे ज़रूर
तेरे ब्रेक पैड,
मोशन भी टूटा होगा,
एक आध मिनट की
हुई भी होगी देरी तुझे,
और बस पाँच एक रूपये का ही
हुआ फ़ायदा होगा,

पर
बहुत शुक्रिया तेरा
ओ विरल बस के ड्राइवर
रोकने और चढ़ाने का
सड़क किनारे खड़े उस इकलौते बच्चे को
पहुँच गया जो
आज भी
समय पर
गाँव से दूर
अपने स्कूल!

Wednesday, December 21, 2016

रूख़सत

बड़े
एहतमादो एहतराम से
हम
हुए
महफ़िल से रूख़सत,

वहीं रहे
फिर
ताउम्र
पर वहाँ न रहे।

शिकवा

सिरहानों से नहीं है
सपनों को
शिकवा,

नींद ही
उड़ी है
दुनिया की
मख़मल के
पत्थरों पर...

फिलहाल

हमें मालूम है
आपके
सच की सच्चाई,

फिलहाल
हैरान हैं
झूठ के दावे पर...