आदि मानव
इंतज़ार में है
कि परिष्कृत मानव
आपस में लड़ मरे
और उसे
वापस मिले
उसकी धरती,
सुख की साँस ले
कायनात,
हो इक
भयावह ख़्वाब की
इति।
Sunday, May 28, 2017
इंतज़ार
Friday, May 12, 2017
Tuesday, May 9, 2017
Friday, April 21, 2017
दस्वन्ध
दस्वन्ध
हराम दी कमाई 'चों नहीं
हराम दी कमाई 'चों नहीं
हलाल दी कमाई विचों,
पैट्रोनाइज़्ड डेरेयाँ नूँ नहीं
ज़रूरत मन्दाँ नूँ,
ज़रूरत मन्दाँ नूँ,
मार्केटिंग वाँग नहीं
गिण के नहीं...
गिण के नहीं...
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