Wednesday, November 6, 2013

अहद

मिल लेंगे
मुस्तक़बिल से
जो तकदीर में है

पहले
निभा लें
वो अहद
जो आज से हैं

Tuesday, November 5, 2013

कहिये

कहते हैं आप
कुछ कहा नहीं
दिनों से

कहिये तो
पहले
दिनों से
कुछ कहें
हम से

Thursday, September 19, 2013

गुबार

निकला न
दिल से
गुबार
अगरचे सीने में
आग कम न थी

चिंगारियाँ
न उठतीं
रह रह कर
इस कदर,
बस आँख
नम न थी ।

सब्र

न हो जिगर-ए-ज़िंदगी,
हौसला-ए-मौत भी न हो,

ऐतबार-ए-एहतमाद ना रहे,
सब्र-ए-एहतराम ही सही।

Wednesday, September 18, 2013

तकदीर

तकदीर में हो
तदबीर
तो तदबीर हो जाये

न हो तदबीर की
तकदीर
तो क्या करें ?