Sunday, March 9, 2014

बहार

गुलशन में बहारों के आने को एक बुलबुल का आना भी काफ़ी है
गुले* गुलज़ार** हो बस बुलबुल का दिल, हर गुल खिलनें को राज़ी है

*फूल
**बगीचा

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